जब जीवन में बार-बार रुकावटें आएँ,
तो भगवान त्र्यंबकेश्वर शिव को पुकारें।

सबसे प्राचीन और सिद्ध शिव-पूजा

त्रिंबकेश्वर काल सर्प दोष निवारण महापूजन

राहु-केतु दोष से जीवन में लगातार परेशानी और थकान महसूस हो रही है, तो देर न करें

त्रिंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक

10 जनवरी, 2026 – पौष शुक्ल दशमी, विक्रम संवत 2082

अपने जीवन से “दोषों का अंधेरा” हटाएँ

क्या आपको भी लगता है कि जीवन जैसे किसी अदृश्य बंधन में फँस गया है?

आप मेहनत करते हैं, कोशिश करते हैं, दुआ करते हैं— फिर भी सब कुछ आपकी पकड़ से फिसल जाता है।

कभी धन रुक जाता है…
कभी करियर अटक जाता है…
कभी रिश्तों में तनाव बढ़ जाता है…
कभी मन बेचैन और तनाव से भारी हो जाता है।

क्यों?
बहुत बार इसका मूल कारण होता है— कालसर्प दोष।

कालसर्प दोष तब बनता है जब जन्म कुंडली के सभी सात ग्रह राहु और केतु के बीच फँस जाते हैं।
यह योग व्यक्ति के जीवन में लगातार रुकावटें, डर, असफलता, आर्थिक हानि, शादी में देरी, स्वास्थ्य समस्याएँ और मानसिक तनाव पैदा करता है।
जैसे किसी ने जीवन का मार्ग ही रोक दिया हो।

ऐसे में…
त्र्यंबकेश्वर में किया गया कालसर्प दोष निवारण महापूजन एक प्राचीन और सिद्ध उपाय माना गया है,
जो इन नकारात्मक प्रभावों को शांत कर जीवन को फिर से गति और स्थिरता देता है।

जब हर दरवाज़ा बंद महसूस हो…
जब मन टूट चुका हो…
जब हर दिशा अंधेरी लगे…

याद रखें—
भगवान त्र्यंबकेश्वर आपकी पीड़ा जानते हैं।

और अब आपके जीवन से इस दोष को मिटाने को तैयार हैं।

त्र्यंबकेश्वर: आपके जीवन की हर बाधा का दिव्य समाधान

भगवान त्र्यंबकेश्वर वही शक्ति हैं जो आपके जीवन की सभी रुकावटें और दोष दूर करते हैं। जब इंसानी कोशिशें असफल हो जाएँ, जब करियर, धन, रिश्ते और स्वास्थ्य में समस्याएँ बार-बार सामने आएँ — तब त्र्यंबकेश्वर ही जीवन की दिशा बदलते हैं।

कालसर्प दोष के 12 प्रकार हैं, और हर प्रकार अलग तरीके से हमला करता है:

सोचिए, आपके जीवन में लगातार हो रही ये परेशानियाँ कौन सी योग के कारण हैं, और अब तक कितनी कोशिशें बेअसर रही हैं।
हर प्रकार आपके सुख, शांति, परिवार और सफलता पर अलग असर डाल रहा है—और यदि सही उपाय न किया जाए तो यह लगातार बढ़ती रहती हैं।

प्राचीन शक्ति, माँ गंगा का वरदान और त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का दिव्य बल

त्र्यंबकेश्वर में किया जाने वाला दोष निवारण महापूजन इतना प्रभावशाली इसलिए माना जाता है क्योंकि यहाँ भगवान शिव ज्योतिर्लिंग रूप में स्वयं विराजते हैं, और इसी पवित्र स्थान से माँ गंगा की धारा उत्पन्न होती है

पुराणों में कहा गया है कि जहाँ
शिव की अग्नि, माँ गंगा की पवित्रता और देवताओं का आशीर्वाद एक साथ मिलते हैं,
वहाँ किए गए संकल्प तुरंत सुने जाते हैं।

युगों से राजा, ऋषि और योद्धा जब
ग्रह बाधा, अकाल, बार-बार का दुर्भाग्य, परिवार पर संकट या भारी दोषों से घिर जाते थे,
तो वे त्र्यंबकेश्वर ही आते थे—
क्योंकि यहाँ किया गया पूजन कुंडली के कठोरतम दोषों को भी शांत कर देता है।

माँ गंगा की साक्षी में,
शिव ज्योतिर्लिंग के सामने किया गया यह महापूजन भाग्य बदलने वाला सबसे प्राचीन और सिद्ध उपाय माना गया है।

सच्चाई और पवित्र प्रक्रिया

यह कोई अंधविश्वास नहीं — यह वही प्राचीन वेदिक कालसर्प दोष निवारण विधि है, जो केवल भगवान त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के समक्ष सबसे प्रभावी मानी जाती है। यहाँ भगवान शिव, माँ गंगा और नाग देवताओं की साक्षी में पूजा होती है — इसलिए इसका फल तुरंत और गहरा माना जाता है।

शुरुआत में आपकी जानकारी ली जाती है: नाम, गोत्र, जन्म तिथि, जन्म स्थान अगर कुछ जानकारी न हो — पंडित जी स्वयं गणना कर लेते हैं ताकि संकल्प शुद्ध हो।

पूरी विधि में शामिल होता है:

पूजा में आप पीले कपड़ों/आसन के माध्यम से शामिल माने जाते हैं, और हर कर्मकांड आपके ही नाम से किया जाता है।

"मेरी नौकरी जा रही थी, पैसे लगातार खत्म हो रहे थे और बैंक/ऋण की रुकावट ने मुझे पूरी तरह परेशान कर दिया था। परिवार की जिम्मेदारियाँ बढ़ रही थीं और हर दिन डर के साथ गुजर रहा था। त्र्यंबकेश्वर कालसर्प दोष निवारण पूजा के बाद सब बदल गया। नौकरी बच गई, बकाया पैसा मिला, अत्यधिक कर्ज़ कम हुआ और घर में सम्मान लौट आया।” — अनुजा, दिल्ली

“कई सालों से मेरी माँ की सेहत ठीक नहीं थी और घर में लगातार तनाव बना रहता था। हम परिवार के लिए त्र्यंबकेश्वर महापूजन करवाया । कुछ ही समय में माँ की तबियत में सुधार हुआ, घर में तनाव कम हुआ और हमारे परिवार में नई ऊर्जा और खुशी लौट आई। ऐसा लगा जैसे माँ गंगा और हमारे पूर्वजों की कृपा ने हमारे घर में फिर से उजाला कर दिया।” — विक्रम, पुणे

“घर में रिश्तों में लड़ाई, पड़ोसियों और सहयोगियों से लगातार टकराव हो रहा था। हर कदम पर रुकावट महसूस होती थी। हमने त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के सामने कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाई। पूजा के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया। काम में सहयोग मिला, रिश्तों में प्यार और भरोसा बढ़ा और लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव दिखा। माँ और पितरों की कृपा ने सच में मेरे जीवन में संतुलन और शांति ला दी।” — दीपा, वाराणसी

अभी अपनी पूजा बुक करें

जिंदगी आपको पूरी तरह तोड़ दे, उससे पहले कदम उठाएँ। आज ही भगवान त्र्यंबकेश्वर को पुकारें—और उन सभी पुरानी जन्मपत्री के दोषों को मिटाएँ, जो सालों से आपकी किस्मत को रोक रहे हैं। यही वह क्षण है जब परिवर्तन शुरू होता है।

एकल दोष निवारण

उन व्यक्तियों के लिए, जो अपनी जन्मपत्री के दोष, जैसे कालनिर्णय, राहु-केतु बाधा, करियर में रुकावट, धन हानि, या मानसिक अशांति से राहत चाहते हैं।

₹ 1100

परिवार समृद्धि दोष निवारण पूजन

पूरे परिवार के लिए, जहाँ एक से अधिक सदस्यों की कुंडलियों में दोष, ग्रहबाधा, कष्ट, पैसों की रुकावट, तनाव, बीमारी, या रिश्तों में टकराव है।

₹ 2100

संपूर्ण कालसर्प दोष निवारण महा-पूजन

सबसे शक्तिशाली और विस्तृत विकल्प, उन लोगों के लिए जिन्हें पुराने समय से लगातार समस्याएँ, पितृ दोष, कालसर्प दोष, ग्रहबाधाएँ, अचानक नुकसान, दुश्मनी, बीमारी, या परिवार पर संकट पड़ा हो।

₹ 5100

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पूजा किसी भी दिन होती है?

नहीं। पूजा किसी भी दिन नहीं होती। यह सिर्फ अगले शुभ मुहूर्त में ही की जाती है, जो पंडित जी पंचांग देखकर तय करते हैं।

क्या मेरा नाम, गोत्र और जन्म जानकारी ज़रूरी है?

हाँ, क्योंकि संकल्प आपके नाम से लिया जाता है। अगर आपको गोत्र, लग्न, नक्षत्र या जन्म समय याद नहीं है — पंडित जी पूजा के समय स्वयं निकाल लेते हैं।

क्या परिवार वाले भी पूजा में शामिल हो सकते हैं?

हाँ, "परिवार समृद्धि दोष निवारण पूजन" (₹2100) में पूरे परिवार के नाम से पूजा की जाती है।

क्या पूजा सिर्फ मेरे लिए की जाएगी?

पूजा में कई भक्तों के नाम शामिल होते हैं, और आपका नाम एक अलग स्लॉट के रूप में जोड़ा जाता है।

यह सेवा केवल आध्यात्मिक, धार्मिक और वैदिक परंपराओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार के चमत्कार, सुनिश्चित परिणाम या गारंटी का वादा नहीं करते। सब कुछ भगवान त्र्यंबकेश्वर, देवताओं की कृपा और आपकी श्रद्धा–भावना पर निर्भर करता है। पूजा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक में योग्य पंडितों द्वारा वेदिक विधि–विधान, मंत्र–जाप और शास्त्रीय नियमों के अनुसार करवाई जाती है। आपकी दी गई जानकारी— नाम, गोत्र, जन्म तिथि, जन्म समय, जन्म स्थान — पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और केवल पूजा प्रक्रिया के लिए ही उपयोग होती है। www.divyartha.in

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