
महत्व
अक्षय तृतीया — वैशाख शुक्ल तृतीया — स्वयंसिद्ध मुहूर्त है। इस दिन बिना किसी मुहूर्त गणना के कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। अक्षय अर्थात अविनाशी — इस दिन किया हुआ पुण्य कभी नष्ट नहीं होता।
परंपराएं और अनुष्ठान
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सत्यनारायण पूजा
अक्षय तृतीया पर सत्यनारायण पूजा — अविनाशी समृद्धि के लिए।
इस पर्व पर अनुशंसित पूजा

पौराणिक कथा
इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ। सतयुग और त्रेता युग का संधिकाल — इस तिथि पर समय की गति स्वयं धीमी होती है और पुण्य स्थायी हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्षय तृतीया पर क्या खरीदें?
सोना, चाँदी, घर, जमीन, वाहन — इस दिन की गई कोई भी खरीद अक्षय फल देती है।
ॐ
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आपके नाम और गोत्र से विधिवत पूजा — video प्रमाण और प्रसाद घर पर।