51 शक्तिपीठों में अनूठा

अगली पूजा: मंगलवार, 14 जुलाई 2026

ज्वालामुखी, कांगड़ा — 51 शक्तिपीठों में से एक — जहाँ सती की जीभ गिरी और माँ नौ शाश्वत ज्वालाओं के रूप में प्रकट हुईं

आपने सब दुआएं कर दीं, सब उपाय आज़मा लिए — फिर भी बदलाव कहाँ? माँ ज्वाला की अग्नि में आपकी हर तकलीफ़ भस्म हो जाएगी।

माँ ज्वाला देवी

माँ ज्वाला देवी शक्तिपीठ पूजा
सर्व बाधा विनाशिनी, सर्व पाप दाहिनी

जब सालों की मेहनत के बाद भी काला जादू या बुरी नज़र घर को चैन नहीं लेने देती — और हर उपाय बेअसर लगे…

जब छुपे दुश्मन बार-बार नुकसान पहुँचाएं, नज़र में न आएं — और आप अकेले ही घुटते रहें…

जब व्यापार, नौकरी, विवाह, संतान — हर राह पर एक अनदेखी दीवार खड़ी हो, कोई रास्ता न सूझे…

जब भीतर से टूट चुके हों, हर आस टूट गई हो — और मन से एक ही पुकार निकले: माँ, अब तू ही बचा…

माँ ज्वाला देवी — सर्वशक्तिमान, अग्नि स्वरूपा। जब अकबर की पूरी सेना भी उनकी नौ ज्वालाएं नहीं बुझा सकी — तो आपकी कोई भी तकलीफ़ माँ की शक्ति से बड़ी नहीं। एक संकल्प — और माँ की अग्नि आपकी हर बाधा, हर पाप, हर नकारात्मकता को जड़ से भस्म कर देती है।

✦ ज्वालामुखी मंदिर में आपके नाम से विधिवत पूजा • पूजा का video WhatsApp पर भेजा जाता है

माँ ज्वाला देवी शक्तिपीठ पूजा

पूजा की झलक — WhatsApp पर

माँ की नौ ज्वालाएं जलते हुए — पूजा का video WhatsApp पर भेजा जाता है

आपके नाम और गोत्र से संकल्प

नौ शाश्वत ज्वालाओं के सामने — आपका नाम, आपकी पीड़ा, माँ के चरणों में

नौ ज्वालाओं की विभूति घर तक

पवित्र भस्म, कुमकुम, लाल धागा, माता की चुनरी — डाक द्वारा

काला जादू, शत्रु, बाधा, भय, पाप — माँ की अग्नि कुछ नहीं छोड़ती

हर उपाय असफल लगने पर — बस एक उम्मीद बची है

कभी ऐसा महसूस हुआ है कि आपने सबकुछ आज़माया — पूजा, तंत्र-मंत्र, तावीज़, पंडित — पर राहत फिर भी नहीं मिली? जब तकलीफ़ इतनी गहरी जड़ जमा ले कि कोई साधारण उपाय काम न आए — तब चाहिए ऐसी अग्नि जो जड़ से नकारात्मकता भस्म कर दे।

ऐसे समय में हज़ारों भक्त माँ ज्वाला देवी की शरण लेते हैं — वो ज्वाला जो अकबर की पूरी सेना भी नहीं बुझा सकी। जैसे अग्नि लकड़ी को जड़ से जलाकर राख बनाती है — वैसे ही माँ की कृपा से हर समस्या, हर नकारात्मकता भस्म होती है। एक पूजा — सब समस्याओं के लिए।

देवी पुराण / शक्तिपीठ परंपरा

ज्वाले ज्वालापरे देवि ज्वाला रूपिणि शाम्भवि। नव ज्वाला प्रकाशेन भक्तान् रक्षस्व सर्वदा॥

देवी पुराण / शक्तिपीठ परंपरा

माँ ज्वाला देवी — नौ शाश्वत ज्वालाएं

हिमाचल शाक्त परंपरा

कहानी माँ ज्वाला की — जहाँ सती की जीभ गिरी, वहाँ प्रकट हुई अमर अग्नि

प्राचीन काल की बात है — जब माँ सती के वियोग में देव-जगत् शोक में डूबा था। भगवान शिव सती के शव को कंधे पर लिए तांडव कर रहे थे, सृष्टि का संतुलन बिगड़ रहा था। तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के अंग काटे — और जहाँ-जहाँ वे गिरे, वहाँ-वहाँ शक्तिपीठ प्रकट हुए। ज्वालामुखी, कांगड़ा — यहाँ सती की जीभ गिरी। और माँ यहाँ किसी मूर्ति के रूप में नहीं — बल्कि नौ शाश्वत नीली ज्वालाओं के रूप में प्रकट हुईं। वाणी की शक्ति, मंत्र की शक्ति, सत्य की अग्नि — यही माँ ज्वाला का मूल स्वरूप है। सदियों से बिना तेल, बिना बाती, बिना किसी ईंधन के — माँ की ये ज्वालाएं जल रही हैं। यही माँ का जीवंत, प्रत्यक्ष स्वरूप है।

ग्वाले की कहानी — जब दिव्य कन्या गाय का दूध पीकर लुप्त हो गई

एक पुरानी कथा है — एक ग्वाले की गाय का दूध रोज़ रहस्यमय तरीके से कम हो जाता था। उसने पीछा किया तो देखा — एक दिव्य कन्या गाय का दूध पीकर प्रकाश में लुप्त हो गई। ग्वाले ने राजा को बताया। राजा ने वह स्थान ढूँढा — और वहाँ पाईं नौ शाश्वत ज्वालाएं। वहीं मंदिर बना — और तब से माँ ज्वाला देवी का यह प्रकट स्थान बन गया।

अकबर की हार — जो पूरी मुगल सेना नहीं कर सकी, वो माँ की अग्नि ने कर दिखाया

अकबर खुद ज्वालामुखी आए — नहरें खुदवाईं, पानी डलवाया, हर तरफ से ज्वालाएं बुझाने की कोशिश की। नहीं बुझीं। फिर सोने का छत्र चढ़ाया — माँ ने उसे किसी और धातु में बदल दिया। वो छत्र आज भी मंदिर में है। जब दुनिया की सबसे बड़ी ताकत हार गई — आपकी कोई भी समस्या माँ की शक्ति से बड़ी नहीं।

वैज्ञानिक हैरान — सदियों से जलती ज्वालाएं, पानी फिर भी ठंडा

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने कई बार परीक्षण किया — न तेल, न गैस, न कोई ईंधन मिला। सबसे चौंकाने वाला: ज्वालाओं के ठीक पास का जल-कुंड आज भी ठंडा है। विज्ञान के पास कोई उत्तर नहीं — माँ की दिव्य शक्ति के सामने विज्ञान मौन है।

यह पूजा यहाँ होती है

ज्वालामुखी, कांगड़ा जिला, हिमाचल प्रदेश — जहाँ माँ की नौ शाश्वत ज्वालाएं सदियों से प्रज्वलित हैं।

श्री ज्वाला देवी मंदिर, ज्वालामुखी

श्री ज्वाला देवी मंदिर

ज्वालामुखी, कांगड़ा जिला, हिमाचल प्रदेश · पहाड़ी शैली · शाक्त परंपरा

पहाड़ी वातावरण में घी और धूप की सुगंध के बीच — नौ शाश्वत नीली ज्वालाएं। कोई मूर्ति नहीं, केवल शुद्ध दिव्य अग्नि। यहाँ पूजा का अनुभव उत्तर भारत के किसी और मंदिर से बिल्कुल अलग है — माँ यहाँ साक्षात् अग्नि रूप में विराजमान हैं।

पंडित जी — ज्वाला देवी मंदिर

पंडित श्री रमेश शर्मा जी

25 वर्ष का अनुभव · ज्वालामुखी मंदिर परंपरा

विशेषता: माँ ज्वाला देवी उपासना, शाक्त हवन विधि
परंपरा: हिमाचल शाक्त परंपरा, ज्वालामुखी पीठ

पंडित जी पूजा करते हुए
"माँ ज्वाला की अग्नि सदियों से जल रही है। जो भक्त श्रद्धा से अपना संकल्प माँ के सामने रखते हैं — माँ की कृपा से उनके जीवन में परिवर्तन आता है।"
— पंडित जी
अपनी पूजा करवाएं →

₹501 से · मंदिर में व्यक्तिगत संकल्प

श्रद्धा और संकल्प दूरी नहीं देखते।

ज्वालामुखी दूर हो सकता है —
लेकिन माँ की अग्नि तक आपकी प्रार्थना पहुँचती है।

शक्तिपीठ परंपरा में संकल्प — आपका नाम, गोत्र, मनोकामना — वही पूजा का केंद्र है। आप दिल्ली में हों, मुंबई में, या विदेश में — माँ की ज्वाला आपके संकल्प को उसी क्षण भस्म करती है।

माँ ज्वाला देवी — नौ शाश्वत ज्वालाओं के दर्शन

"दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, पटना से लेकर UK, USA और Canada तक — सब इसी तरह माँ ज्वाला की सेवा में हैं।"

ज्वालामुखी मंदिर · श्री रमेश शर्मा जी

माँ ज्वाला की अग्नि — भक्त किन बदलावों की बात करते हैं

एक पूजा — हर समस्या के लिए। माँ ज्वाला की अग्नि कुछ नहीं छोड़ती।

दूसरी पूजाएं एक-एक समस्या के लिए हैं — माँ ज्वाला की अग्नि एक साथ सब भस्म करती है।
1,000 साल की अटूट परंपरा।

वर्षों का बोझ — माँ की अग्नि में भस्म, मन को मिले शुद्धि और हल्कापन

माँ की अग्नि पुराने पाप, गलतियाँ और बोझ — जड़ समेत, बिना कुछ छोड़े भस्म करती है।

"पूजा के बाद लगा जैसे वर्षों से सीने पर पड़ा पत्थर हट गया।" — भक्त बताते हैं कि माँ की कृपा से मन में एक गहरी शांति और ताजगी आती है जो पहले नहीं थी।

काले जादू और बुरी नज़र का अंत — माँ की अग्नि अँधेरे को जड़ से जलाती है

माँ की अग्नि जितनी गहरी बुरी नज़र या काला जादू हो, उससे भी गहरी जाकर जला देती है।

"तीन साल से घर में अजीब हलचल थी, हर उपाय बेकार था। माँ की पूजा के बाद एक महीने में घर का माहौल पूरी तरह बदल गया।" — सुनीता गुप्ता, दिल्ली।

छुपे शत्रु, अदृश्य बाधाएं — जो दिखे न, माँ उसे भी जला देती हैं

माँ की अग्नि अदृश्य शत्रु को भी जड़ से जलाती है — बुरी नीयत, तंत्र, अनजानी रुकावट, कुछ नहीं बचता।

"दो साल से व्यापार में हर काम बनते-बनते टूट जाता था। माँ के संकल्प के बाद जैसे रास्ते खुलते चले गए।" — अजय वर्मा, लुधियाना।

मन का भय और अवसाद — माँ की दिव्य ज्वाला भीतर का अँधेरा जलाती है

माँ ज्वाला की दिव्य अग्नि भीतर के डर और अँधेरे को उसी तरह मिटाती है जैसे एक दीया पूरे कमरे को रोशन करता है।

"सब ठीक था बाहर — पर भीतर एक अजीब सा डर रहता था। पूजा के बाद वो अँधेरा धीरे-धीरे छँटने लगा। माँ की अग्नि ने भीतर उजाला किया।" — राहुल शर्मा, मुंबई।

पूरे परिवार का मंगल — एक संकल्प, एक पूजा में सब बाधाएं भस्म

घर की हर नकारात्मकता — बीमारी, कलह, बुरी नज़र — एक संकल्प में, परिवार के हर सदस्य के नाम से भस्म।

"परिवार में बिना कारण के झगड़े, बच्चे बीमार, डॉक्टर भी हैरान। माँ की पूजा के बाद धीरे-धीरे घर में शांति आई।" — महेश कुमार, जयपुर।

भीतर की शक्ति का जागरण — माँ की अग्नि आपकी आत्मिक ज्योति प्रकट करती है

माँ का आशीर्वाद केवल बाहर की बाधाएं नहीं हटाता — भीतर से नया आत्मबल और साहस भी जगाता है।

माँ ज्वाला की उपासना से अनेक भक्त एक गहरे आत्मिक परिवर्तन का अनुभव करते हैं — एक नया आत्मबल, एक नई शुरुआत, जैसे भीतर की बुझी ज्योति फिर से जल उठी।

सेवा के बारे में जानें

₹501 से — माँ ज्वाला देवी सेवा

आपकी माँ ज्वाला देवी पूजा — कैसे होती है

चरण 1

आपका संकल्प

अपना नाम, गोत्र, जन्म तिथि, परिवार के नाम और अपनी समस्या या मनोकामना बताइए। पंडित जी इन्हें संकल्प में लेते हैं — आपके नाम और गोत्र से माँ की नौ ज्वालाओं के सामने पुकारा जाता है।

चरण 2

नौ ज्वालाओं के सामने पूजा

पंडित जी ज्वालामुखी मंदिर में आपके नाम और गोत्र से संकल्प लेते हैं। हवन जलाया जाता है, माँ की नौ शाश्वत ज्वालाओं के सामने विधिवत पाठ और मंत्रोच्चार होता है। पूजा का video रिकॉर्ड होता है — WhatsApp पर भेजा जाता है।

चरण 3

विभूति, प्रसाद और आशीर्वाद

नौ ज्वालाओं की पवित्र विभूति (भस्म), कुमकुम, लाल धागा — डाक द्वारा आपके घर भेजे जाते हैं। पूजा का video WhatsApp पर। माँ ज्वाला देवी का आशीर्वाद अब आपके घर में।

कोई अनिश्चितता नहीं। हर कदम पर आपको जानकारी।

हर चरण की जानकारी WhatsApp पर साझा की जाएगी ताकि आप पूजा से जुड़े रहें।

अभी सेवा चुनें →

पूजा उसी दिन — video WhatsApp पर

भक्तों की आवाज़

वो भक्त जिन्होंने माँ ज्वाला देवी की अग्नि में अपनी समस्याएं सौंपीं।

काला जादू से मुक्ति

पहले

3 साल से घर में अजीब चीज़ें हो रही थीं — तांत्रिक के पास गई, झाड़-फूँक करवाई, कुछ फर्क नहीं पड़ा। लगा जैसे कुछ गहरा है।

अब

माँ ज्वाला की पूजा कराई — video में नौ ज्वालाएं जलते देखा, पंडित जी ने मेरा नाम लिया। एक महीने में घर का माहौल बदला। मन को लगा जैसे अग्नि ने सब जला दिया।

सुनीता गुप्ता

दिल्ली

कर्ज़ से मुक्ति

पहले

व्यापार में 18 लाख का कर्ज़ था। बैंक वाले दरवाज़े पर आते थे, घर में रोज़ कलह। हर रास्ता बंद लग रहा था।

अब

माँ के संकल्प में अपना सारा दर्द रखा। तीन महीने में एक पुराना रुका भुगतान मिला, नया ठेका मिला। कर्ज़ धीरे-धीरे उतरने लगा — माँ की कृपा समझ से परे है।

विनोद त्रिपाठी

वाराणसी

करियर में नई राह

पहले

4 साल से एक ही पद पर था। Interview देता था, हर बार कुछ न कुछ होकर टूट जाता। लगने लगा था — शायद मेरे नसीब में यही है।

अब

माँ के संकल्प में अपनी सारी तकलीफ रखी। 2 महीने बाद एक नई कंपनी से ऑफर आया जो मैंने सोचा भी नहीं था। माँ की अग्नि ने वो बाधा जला दी जो दिख नहीं रही थी।

अंकित मेहता

पुणे

व्यापार में नई गति

पहले

2 साल से व्यापार ठप था — सब काम बनते-बनते रुक जाते थे। समझ नहीं आता था कि क्या हो रहा है।

अब

संकल्प में अपनी परेशानी बताई। माँ की अग्नि में वो बाधा जली — उसके बाद एक के बाद एक काम बनने लगे। माँ की कृपा है।

अजय वर्मा

लुधियाना

घर में शांति आई

पहले

घर में बिना किसी कारण के झगड़े, बच्चे बीमार, पत्नी का स्वास्थ्य ठीक नहीं। डॉक्टर भी हैरान थे।

अब

परिवार ज्वाला सेवा ली — पूरे घर के नाम से संकल्प। धीरे-धीरे घर में शांति आई। बच्चे स्वस्थ हुए। माँ ने घर की अग्नि शुद्ध की।

महेश कुमार

जयपुर

विवाह की बाधा दूर हुई

पहले

बेटे की उम्र हो गई — 4 साल से रिश्ते आते थे, पर कुछ न कुछ होकर टूट जाते थे। बहुत परेशान थे।

अब

3 माह माँ ज्वाला की पूजा कराई — पूरे परिवार के नाम से। जो बाधा थी, वो जली। एक अच्छा रिश्ता आया और तय हो गया। माँ की कृपा।

कविता सिंह

पटना

माँ की सेवा में जुड़ें →

हज़ारों भक्त पहले से जुड़े हैं

माँ का आश्वासन

इंसान जब हार मान ले — माँ ज्वाला की अग्नि तब भी नहीं बुझती।

अकबर ने पूरी फ़ौज के साथ माँ की ज्वालाएं बुझाने की कोशिश की — नहीं बुझीं। अहंकार से चढ़ाया सोने का छत्र माँ ने किसी और धातु में बदल दिया — वो छत्र आज भी मंदिर में है। जब दुनिया की सबसे बड़ी ताकत हार गई — आपकी कोई भी समस्या माँ की शक्ति से बड़ी नहीं।

"माँ की अग्नि सदियों से जल रही है — और अब आपकी भी हर समस्या जलाकर भस्म करेगी।"

माँ ज्वाला की अग्नि में अपना संकल्प रखें

हर माह — माँ की नौ शाश्वत ज्वालाओं के सामने। आपके नाम से, आपके संकल्प से।

जैसे एक सच्चा भक्त हर माह माँ के दरबार जाता है — यह सेवा उसी निरंतर श्रद्धा का रूप है।

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आपके प्रसाद में क्या है?

यह पावन प्रसाद माँ ज्वाला की नौ शाश्वत ज्वालाओं के सामने अर्पित होकर विधि-विधान से आपके घर तक पहुँचता है।

माँ ज्वाला देवी प्रसाद बॉक्स

माँ के चरणों में अर्पित — पवित्र वस्तुएं और उनका महत्व

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108+1 काले लावा मनके माला — माँ का सर्वशक्तिमान कवच: ये काले लावा मनके उसी ज्वालामुखी पर्वत की भूमि से हैं जहाँ माँ की नौ शाश्वत अग्नियाँ जल रही हैं। माँ की पावन अग्नि में अर्पित, शाक्त मंत्रों से अभिमंत्रित — फिर सीधे आपको सौंपी जाती है। धारण करें या घर में रखें — शत्रु, काला जादू, बुरी नज़र और हर नकारात्मक ऊर्जा से निरंतर रक्षा। यह माला माँ और आपके बीच का जीवंत सेतु है।

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विभूति — नौ दिव्य ज्वालाओं से प्रकट महापवित्र भस्म: इससे अधिक पवित्र कोई तत्व नहीं। माथे पर लगाएं या पूजा में रखें — माँ का सुरक्षा-कवच, वातावरण पवित्र रहता है।

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कुमकुम — माँ ज्वाला के चरणों में अर्पित: माँ ज्वाला के चरणों में अर्पित यह कुमकुम घर में सौभाग्य और शक्ति लाता है। मांग में लगाएं या पूजा में चढ़ाएं — माँ की रक्षा सदा आपके साथ रहती है।

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लाल रक्षा धागा — माँ ज्वाला की नौ अमर ज्वालाओं के समक्ष अभिमंत्रित: यह साधारण धागा नहीं, माँ की अग्नि की शक्ति युक्त सुरक्षा-कवच है। कलाई पर बाँधें — बुरी नज़र, काले जादू और हर नकारात्मकता से सुरक्षा।

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माता की चुनरी — माँ के चरणों में अर्पित पवित्र लाल वस्त्र: माँ के समक्ष चढ़ाई यह चुनरी जब आपके घर आती है — माँ की शक्ति और आशीर्वाद आपके साथ होते हैं।

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सुपारी — देवी संकल्प की पंचोपचार सामग्री: माँ दुर्गा को अर्पित पाँच प्रमुख द्रव्यों में से एक। संकल्प में सुपारी का विशेष महत्व है — यह मंगलकारी, शुभ कार्यों का प्रतीक और देवी आराधना में अनिवार्य।

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नारेल — अहंकार और बाधाओं के विसर्जन का प्रतीक: देवी पूजा में नारेल सबसे पवित्र सामग्री है। माँ के चरणों में अर्पित नारेल घर में लाएं — यह माँ का आशीर्वाद आपके जीवन में नई ऊर्जा और शुभता लाता है।

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इलाइची — शुद्धता और मनोकामना पूर्ति का प्रतीक: देवी भोग में इलाइची की विशेष भूमिका है — यह शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक। पूजा में उपयोग करें या प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।

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खजूर, बदाम, मखाना — माँ की मीठी कृपा: माँ को अर्पित यह पोषणशाली भोग — देवी की कृपा, ऐश्वर्य और स्वास्थ्य का प्रतीक। परिवार में बाँटें — माँ का प्रसाद हर सदस्य तक पहुँचे।

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धूप और कपूर — माँ की अग्नि का स्पर्श: माँ ज्वाला के दरबार में विधिवत अर्पित धूप और कपूर — घर में जलाएं। माँ की दिव्य अग्नि की सुगंध से वातावरण शुद्ध होता है, नकारात्मक शक्तियाँ दूर भागती हैं।

मिश्री और बताशे — हिमाचल शाक्त परंपरा का पवित्र भोग

ज्वालामुखी मंदिर में सदियों से माँ को भोग के रूप में चढ़ाए जाते रहे हैं — हिमाचल के शाक्त धर्म में यह पारंपरिक मीठा प्रसाद है। पूरे परिवार में बाँटें — माँ का आशीर्वाद हर कोने में पहुँचे।

"यह प्रसाद मात्र भौतिक सामग्री नहीं — माँ ज्वाला की नौ शाश्वत अग्नियों का साक्षात् आशीर्वाद है, जो श्रद्धापूर्वक आपके द्वार तक पहुँचता है।"

माँ का दरबार खुला है — पहली ज्वाला आपके लिए

माँ ज्वाला की अग्नि सदियों से जल रही है — कभी नहीं बुझी। आप अपनी श्रद्धा से जुड़ते हैं, अपनी इच्छा से विराम लेते हैं। माँ का दरबार सदा खुला है — आपके लिए, हमेशा।

व्यक्तिगत संकल्प — माँ ज्वाला की नौ दिव्य ज्वालाओं के सम्मुख

ज्वाला दीपम् सेवा

उन भक्तों के लिए जो माँ ज्वाला की अग्नि में अपनी बाधाएँ भस्म कर उज्जवल जीवन चाहते हैं।

"एक संकल्प — माँ ज्वाला की नौ शाश्वत ज्वालाओं के सामने, आपके नाम से।"

हर माह ज्वालामुखी मंदिर में माँ ज्वाला की नौ दिव्य ज्वालाओं के सामने आपका नाम लेकर विधि-विधानपूर्वक हवन-अर्चना की जाती है। दूरी कोई बाधा नहीं — आपका संकल्प माँ तक पहुँचता है।

✦ व्यक्तिगत आशीर्वाद और संपूर्ण शुद्धि के लिए — माँ ज्वाला की सेवा में पहला चरण।

  • माँ की नौ दिव्य ज्वालाओं के सम्मुख आपका नाम लेते हुए विधिपूर्वक हवन और 108 मंत्रों की जप-विधि।

माँ की कृपा से मिलेगा

पूजा का वीडियो — व्हाट्सएप पर प्राप्त होगा

अगले अनुष्ठान का शुभ समय — आपको पूर्व में सूचित किया जाएगा

₹ 501

प्रत्येक माह माँ ज्वाला की नौ ज्वालाओं के समक्ष आपका संकल्प — जब चाहें जुड़ें, जब चाहें विराम लें।

परिवार सहित विशेष हवन एवं अष्टमी व्रत

परिवार ज्वाला सेवा

पूरे परिवार की बाधाएँ — माँ की अग्नि में भस्म।

"परिवार का संकल्प — माँ की नौ ज्वालाओं के सामने। प्रतिमाह हवन-पाठ।"

हर माह माँ ज्वाला की नौ दिव्य ज्वालाओं के सामने आपके, आपके जीवनसाथी, बच्चों और माता-पिता के नाम से सामूहिक संकल्प व हवन-अर्चना की जाती है। घर की हर नकारात्मकता, हर बाधा माँ की अग्नि में भस्म हो जाती है।

✦ संकल्प में आप, जीवनसाथी, बच्चे और माता-पिता — सबका नाम लिया जाता है।

  • प्रत्येक अष्टमी

    परिवार की मंगलकामना हेतु विशेष हवन एवं पाठ।

  • प्रत्येक मंगलवार

    माँ ज्वाला के विशेष दिन पर 108 मंत्रों की हवन-विधि।

माँ की कृपा से मिलेगा

पूजा का वीडियो — प्रतिमाह व्हाट्सएप पर प्राप्त होगा

हर माह — पावन प्रसाद आपके घर तक पहुँचता है

माँ ज्वाला मूल मंत्र कार्ड — लेमिनेटेड, दैनिक पूजा विधि सहित

संकल्प पर्ची — मंदिर के संकल्प रजिस्टर में लिखे परिवार के नामों की फोटो

पंडित जी आपसे सीधे संपर्क करेंगे — अष्टमी और विशेष पूजा कार्यक्रम की जानकारी हेतु

अष्टमी विशेष हवन-पाठ — पूरे परिवार के कल्याण के लिए

माँ ज्वाला देवी साधना मार्गदर्शन के उपाय

₹ 1,100

प्रत्येक माह पूरे परिवार के लिए पूजा — आपकी श्रद्धा से प्रारंभ, आपकी इच्छा से विराम।

✦ सर्वश्रेष्ठ — माँ की पूर्ण अग्नि शरण ✦

माँ की नौ ज्वालाओं की पूर्ण छत्रछाया में

सम्पूर्ण ज्वाला शक्ति सेवा

माँ की नौ ज्वालाओं की पूर्ण शरण — सम्पूर्ण परिवार, सम्पूर्ण रक्षा, सम्पूर्ण जागरण।

"जो माँ ज्वाला की पूर्ण शरण में आते हैं — माँ उनकी हर बाधा को भस्म कर देती हैं।"

  • प्रत्येक अष्टमी

    परिवार की शत्रु-विनाशिनी शक्ति हेतु विशेष हवन और 108 मंत्रों का जप।

  • प्रत्येक मंगलवार

    माँ ज्वाला का विशेष महाभिषेक और 108 मंत्रों की जप-विधि।

  • प्रतिमाह

    पाँच ब्राह्मणों को आपके नाम से भोजन अर्पित (अन्नदान)।

  • विशेष

    आपकी परिस्थिति के अनुसार निजी हवन (विपत्ति, बाधा, ऋण या भय निवारण हेतु गहन यज्ञ)।

माँ की कृपा से मिलेगा

पूजा का वीडियो — हर माह व्हाट्सएप पर भेजा जाएगा

सम्पूर्ण पारिवारिक संकल्प — नाम, गोत्र, जन्म-नक्षत्र सहित

व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण — उपाय और मार्गदर्शन के साथ

ज्योतिष पंडित — व्यक्तिगत मार्गदर्शन

ज्योतिष पंडित जी से सीधी बातचीत — जो भी समस्या हो, उनके पास हर उपाय है। जीवन के किसी भी क्षेत्र की उलझन — वो मार्ग दिखाएंगे।

माँ ज्वाला देवी पूर्ण पूजा मार्गदर्शिका — साधना, मंत्र और उपाय सहित

हर माह ज्वालामुखी से आपके घर तक

108+1 काले लावा मनके माला — माँ का विशेष कवच

माँ ज्वाला की पावन नौ अग्नियों में अर्पित, शाक्त मंत्रों से अभिमंत्रित — फिर सीधे आपको सौंपी जाती है। इसे धारण करें या घर में रखें — शत्रु, काला जादू, बुरी नज़र और हर नकारात्मक शक्ति से यह कवच माला निरंतर आपकी रक्षा करती है। माँ ज्वाला और आपके बीच का सेतु।

मिश्री · बताशे · विभूति · कुमकुम · लाल रक्षा धागा · माता की चुनरी · सुपारी · नारेल · इलाइची · खजूर · बदाम · मखाना · धूप · कपूर

₹ 2,100

माँ की पूर्ण सेवा — हर माह, बिना किसी रुकावट के। जब चाहें विराम लें।

माँ की कृपा आपका इंतज़ार कर रही है। आपका संकल्प और आपकी श्रद्धा — यही सच्ची पूजा है। जब आप यह पहला कदम रखते हैं, माँ बाकी सब सँभाल लेती हैं। आपके जीवन में माँ का आशीर्वाद प्रकट हो।

संकल्प सारांश

सेवा चुनें

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अगली पूजा: 14 जुलाई 2026

"जो सवाल मेरे मन में भी थे..."

पहला कदम — माँ की अग्नि में अपना संकल्प

माँ की नौ अमर ज्वालाओं में अपना संकल्प अर्पित करें — यही वो पल है जब परिवर्तन शुरू होता है

आपका नाम, आपकी तकलीफ़ — माँ ज्वाला के चरणों में श्रद्धा से अर्पित। नौ शाश्वत ज्वालाओं के सामने एक सच्चा संकल्प — माँ सुनती हैं, हमेशा।

माँ की नौ अमर ज्वालाओं में रखा गया एक सच्चा संकल्प — कभी खाली नहीं लौटता।

सुरक्षित भुगतान सहायता उपलब्ध

यह सेवा केवल आध्यात्मिक, धार्मिक और शक्तिपीठ परंपरा पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार के चमत्कार, सुनिश्चित परिणाम या गारंटी का वादा नहीं करते। सब कुछ माँ ज्वाला देवी की कृपा और आपकी श्रद्धा पर निर्भर है। पूजा श्री ज्वाला देवी मंदिर, ज्वालामुखी में योग्य पंडित द्वारा विधि-विधान से करवाई जाती है। आपकी जानकारी — नाम, गोत्र, जन्म तिथि — पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और केवल पूजा के लिए उपयोग होती है। divyartha.in