दीपावली
त्योहारदीपावली
Oct 20, 2025

दीपावली

महत्व

दीपावली कार्तिक अमावस्या को मनाई जाती है — भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापसी की खुशी में। यह प्रकाश का पर्व है — अंधकार पर प्रकाश की, असत्य पर सत्य की, और अज्ञान पर ज्ञान की विजय।

इस दिन महालक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है — व्यापारी वर्ग अपने नए बही-खाते पर लक्ष्मी पूजन करता है। यह नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत है।

परंपराएं और अनुष्ठान

1

लक्ष्मी-गणेश पूजन

प्रदोष काल में लक्ष्मी और गणेश की विशेष पूजा — समृद्धि और नई शुरुआत।

2

दीप प्रज्वलन

घर के हर कोने में दीप जलाना — लक्ष्मी के आगमन का स्वागत।

3

व्यापार पूजन

नए बही-खाते पर लक्ष्मी पूजन — व्यापारियों की सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक पूजा।

इस पर्व पर अनुशंसित पूजा

सत्यनारायण पूजा

सत्यनारायण पूजा

दीपावली पर महालक्ष्मी की कृपा के लिए सत्यनारायण पूजा।

पौराणिक कथा

भगवान राम लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे — अमावस्या की अंधेरी रात में। अयोध्यावासियों ने उनका स्वागत असंख्य दीपों से किया। माँ लक्ष्मी भी उसी रात प्रकट हुईं — जहाँ प्रकाश होता है, वहाँ वे निवास करती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपावली पर किस समय पूजा करें?
प्रदोष काल — सूर्यास्त के बाद लगभग 1.5 घंटे — सबसे शुभ समय है। स्थिर लग्न में पूजा करें।
क्या व्यापारियों के लिए अलग पूजा होती है?
हाँ। व्यापारी अपने नए बही-खाते पर विशेष लक्ष्मी पूजन करते हैं। दिव्यार्थ पर व्यापार वृद्धि पूजा बुक करें।

दीपावली पर पूजा बुक करें

आपके नाम और गोत्र से विधिवत पूजा — video प्रमाण और प्रसाद घर पर।