
महत्व
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस दिन वेद व्यास का जन्मदिन है — इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं।
गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति का आधार है। इस दिन गुरु को प्रणाम, गुरु दक्षिणा और गुरु आशीर्वाद की परंपरा है।
परंपराएं और अनुष्ठान
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गुरु वंदन
अपने गुरु को प्रणाम और दक्षिणा — गुरु-शिष्य बंधन की पुष्टि।
इस पर्व पर अनुशंसित पूजा

पौराणिक कथा
आषाढ़ पूर्णिमा को महर्षि वेद व्यास ने चार वेदों, 18 पुराणों और महाभारत को विभाजित और संकलित किया। उनके ज्ञान-दान के प्रति कृतज्ञता में यह दिन मनाया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुरु पूर्णिमा पर क्या दान करें?
पुस्तकें, वस्त्र, भोजन और अपने गुरु को दक्षिणा — सबसे पुण्यदायी।
ॐ
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