
महत्व
हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है — श्री हनुमान जी के प्रकाशोत्सव का दिन। यह दिन भक्ति, साहस और संपूर्ण समर्पण का प्रतीक है।
हनुमान जी 8 चिरंजीवियों में से एक हैं — वे आज भी जीवित हैं और अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। इस दिन उनकी उपासना से साहस, सुरक्षा और कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है।
परंपराएं और अनुष्ठान
1
सुंदरकांड पाठ
हनुमान जयंती पर सुंदरकांड का पाठ — असंभव को संभव बनाने की शक्ति।
2
हनुमान चालीसा
40 चौपाइयों में हनुमान स्तुति — 11 बार पाठ विशेष फलदायी।
इस पर्व पर अनुशंसित पूजा

पौराणिक कथा
अंजना और केसरी के पुत्र — वायुदेव के अंश हनुमान जी चैत्र पूर्णिमा को प्रकट हुए। बचपन से ही उनमें असाधारण शक्ति थी। भगवान राम की भक्ति में उन्होंने अपना सब कुछ समर्पित कर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हनुमान जयंती पर क्या दान करें?
लाल वस्त्र, सिंदूर, बूंदी के लड्डू और केले — हनुमान जी को प्रिय हैं।
ॐ
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