
महत्व
महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को मनाई जाती है — इस रात ब्रह्मांड में शिव की ऊर्जा चरम पर होती है। यह शिव-पार्वती के विवाह की रात भी है।
इस रात रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और रात्रि जागरण से जीवन भर के पाप नष्ट होते हैं।
परंपराएं और अनुष्ठान
1
रात्रि जागरण
पूरी रात जागकर शिव भजन और मंत्र जाप — महाशिवरात्रि की सबसे बड़ी साधना।
2
चतुर्प्रहर पूजन
रात के चारों पहरों में अलग-अलग अभिषेक — जल, दूध, दही, घी।
इस पर्व पर अनुशंसित पूजा

पौराणिक कथा
इस रात शिव ने लिंग रूप धारण किया — अग्नि का अनंत स्तंभ। ब्रह्मा और विष्णु इस लिंग का आदि और अंत खोजने निकले पर खोज न सके। तभी से यह रात सबसे पवित्र मानी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महाशिवरात्रि का व्रत कैसे रखें?
पूरे दिन निराहार या फलाहार। रात्रि के चारों पहरों में शिव पूजन। अगले दिन पूजन के बाद व्रत तोड़ें।
ॐ
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