त्र्यंबकेश्वर में एकमात्र प्रामाणिक काल सर्प पूजानागबलि और नारायण नागबलि सहितvideo उसी दिन WhatsApp परप्रसाद घर तक5 पीढ़ियों की पुजारी परंपरात्र्यंबकेश्वर में एकमात्र प्रामाणिक काल सर्प पूजानागबलि और नारायण नागबलि सहितvideo उसी दिन WhatsApp परप्रसाद घर तक5 पीढ़ियों की पुजारी परंपरा
अगला शुभ मुहूर्त — त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग · नासिक · महाराष्ट्र

जब कुंडली में काल सर्प दोष हो — और जीवन ठहरा-सा लगे…

जब कुंडली में काल सर्प दोष हो और जीवन ठहरा-सा लगे…

जब मेहनत होती रहे लेकिन सफलता न मिले…

जब बार-बार सपनों में साँप दिखें…

जब विवाह में देरी हो या संतान में कठिनाई हो…

Lord Shiva — Kaal Sarp Dosh Shanti

त्र्यंबकेश्वर — काल सर्प पूजा का एकमात्र प्रामाणिक केंद्र

त्र्यंबकेश्वर वह एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जहाँ नागबलि, नारायण नागबलि और काल सर्प शांति पूजा — तीनों एक साथ विधिवत होती हैं।

✦ आपके नाम से संकल्प • पूजा का video उसी दिन • प्रसाद घर तक

Nagbali ritual at Trimbakeshwar

नागबलि विधि — त्र्यंबकेश्वर

नाग देवता को विधिवत तर्पण

Kaal Sarp puja ritual
Puja samagri thali

एकमात्र प्रामाणिक स्थान

त्र्यंबकेश्वर — काल सर्प पूजा का मूल केंद्र

video उसी दिन

पूजा का पूरा video WhatsApp पर

प्रसाद घर तक

नाग मंदिर का पवित्र प्रसाद डाक से

5 पीढ़ियाँ

पं. सुरेश भट्ट — त्र्यंबकेश्वर परंपरा

काल सर्प दोष — वह ग्रह-स्थिति जो जीवन को ठहरा देती है

जब जन्म-कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु की धुरी के एक ओर आ जाते हैं — तो ज्योतिष में इसे काल सर्प दोष कहते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अदृश्य अवरोध बनाती है।

मेहनत तो बहुत करते हैं — पर परिणाम अधूरे रहते हैं…

बार-बार ऐसा लगता है जैसे कोई अदृश्य बाधा है…

सपनों में साँप दिखना — जो भीतर की बेचैनी बढ़ाता है…

जब लगे कि नियति ही विरुद्ध है — तब एक प्रश्न उठता है…

काल सर्प दोष 12 प्रकार का होता है — अनन्त, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर और शेषनाग। हर प्रकार का अपना प्रभाव-क्षेत्र है। पं. सुरेश भट्ट कुंडली देखकर सटीक प्रकार की पूजा करते हैं।

Trimbakeshwar temple — Kaal Sarp Puja centre

त्र्यंबकेश्वर — जहाँ नाग देवता का तर्पण विधिवत होता है

नाग शांति पाठ · वैदिक परंपरा

ॐ नागेभ्यो नमः।
राहवे नमः। केतवे नमः।
सर्पसर्वस्य नागाय नमः।।

नाग शांति पाठ

Lord Shiva and Nag Devata — Kaal Sarp Dosh Shanti

"राहु-केतु की शक्ति को शिव ही नियंत्रित करते हैं"

त्र्यंबकेश्वर ही क्यों — काल सर्प पूजा का एकमात्र प्रामाणिक स्थान

काल सर्प दोष तब बनता है जब जन्म-कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। यह दोष 12 प्रकार का होता है। त्र्यंबकेश्वर एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जहाँ नागबलि, नारायण नागबलि और काल सर्प शांति पूजा विधिवत होती है।

त्र्यंबकेश्वर — राहु-केतु शांति का मूल स्थान

भगवान त्र्यंबकेश्वर के गले में स्वयं नाग विराजमान हैं। यहाँ के स्वयंभू शिवलिंग में नाग देवता का वास माना जाता है। इसीलिए काल सर्प दोष की शांति के लिए वेद-पुराणों में त्र्यंबकेश्वर का विधान है — कोई और स्थान इसका विकल्प नहीं।

नागबलि और नारायण नागबलि — दोनों एक साथ

काल सर्प दोष की पूर्ण शांति के लिए केवल "पाठ" पर्याप्त नहीं — नागबलि और नारायण नागबलि का विधान आवश्यक है। ये दोनों विधियाँ केवल त्र्यंबकेश्वर में ही होती हैं। पं. सुरेश भट्ट इन्हें 5 पीढ़ियों से करते आ रहे हैं।

"जहाँ नाग देवता स्वयं विराजते हों — वहीं की प्रार्थना सबसे सुनी जाती है।"

यह पूजा यहाँ होती है

नासिक से 28 किमी — त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, जहाँ गोदावरी नदी का उद्गम है और काल सर्प पूजा का विधान पुराणों में निर्धारित है।

Trimbakeshwar Jyotirlinga — Kaal Sarp Puja
काल सर्प पूजा का एकमात्र प्रामाणिक केंद्र

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक

नासिक, महाराष्ट्र · 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक · गोदावरी उद्गम

शास्त्रों के अनुसार काल सर्प दोष की पूजा केवल त्र्यंबकेश्वर में ही फलदायी होती है। यहाँ के शिवलिंग में नाग-स्वरूप विद्यमान है। मंदिर का नागबलि घाट और नारायण नागबलि विधान — ये सुविधाएँ केवल यहीं उपलब्ध हैं।

पंडित जी

पं. सुरेश भट्ट

5 पीढ़ियों की त्र्यंबकेश्वर परंपरा

विशेषता: काल सर्प शांति, नागबलि, नारायण नागबलि
परंपरा: त्र्यंबकेश्वर पीठ · नासिक

Pt. Suresh Bhatt performing Kaal Sarp Puja
"काल सर्प दोष की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण है — सही प्रकार की पहचान। हर व्यक्ति की कुंडली अलग है, इसलिए पूजा-विधि भी भिन्न होती है। संकल्प में आपका नाम लेते समय वह दोष सुनिश्चित रूप से शिव के चरणों में अर्पित होता है।"
पं. सुरेश भट्ट

दूरी से भी जुड़ें — संकल्प दूरी नहीं देखता।

आप कहीं भी हों — त्र्यंबकेश्वर में आपकी पूजा विधिवत होती है।

वैदिक परंपरा में संकल्प — आपका नाम, गोत्र, राशि और जन्म-तिथि — ही पूजा का केंद्र है। पं. सुरेश भट्ट इस संकल्प को उसी श्रद्धा से लेते हैं जैसे आप स्वयं उपस्थित हों।

01

कुंडली और जानकारी भेजें

अपना नाम, गोत्र, जन्म-तिथि, राशि और काल सर्प दोष का प्रकार (यदि पता हो) WhatsApp पर भेजें।

02

त्र्यंबकेश्वर में पूजा

पं. सुरेश भट्ट आपके नाम से संकल्प लेकर नागबलि, नारायण नागबलि और काल सर्प शांति विधिवत करते हैं।

03

Video उसी दिन

पूरी पूजा का video — संकल्प से पूर्णाहुति तक — उसी दिन आपके WhatsApp पर।

04

प्रसाद आपके घर

नाग मंदिर का प्रसाद, भस्म और पंडित जी का संदेश डाक से आपके दरवाज़े तक।

"दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर से लेकर USA, UK और Australia तक — सभी भक्त इसी प्रकार त्र्यंबकेश्वर से जुड़ते हैं।"

पं. सुरेश भट्ट · त्र्यंबकेश्वर पीठ · 5 पीढ़ियाँ

काल सर्प दोष के प्रभाव

इन परिस्थितियों में भक्त काल सर्प पूजा की शरण लेते हैं

करियर में रुकावट दूर

ग्रह दोष शांत होने पर मार्ग खुलता है।

जब वर्षों की मेहनत के बाद भी पदोन्नति या सफलता न मिले — राहु के प्रभाव से अवरुद्ध मार्ग खुलने की प्रार्थना।

विवाह में बाधाएं

राहु-केतु के प्रभाव से विवाह में देरी।

बार-बार रिश्ते टूटना, योग्य साथी न मिलना — काल सर्प दोष के प्रभाव में यह सामान्य समस्या है।

संतान प्राप्ति की इच्छा

पितृ दोष और काल सर्प दोष साथ होते हैं।

संतान में विलंब या कठिनाई — पितृ दोष और काल सर्प दोष दोनों की शांति एक साथ होती है।

मानसिक अशांति और डर

साँपों के सपने, भय, अनिश्चितता।

सपनों में बार-बार साँप दिखना, अकारण भय, मन की बेचैनी — काल सर्प दोष के विशेष लक्षण हैं।

धन की हानि और ऋण

राहु का आर्थिक प्रभाव।

कमाई होती है पर धन नहीं टिकता, ऋण बढ़ता जाता है — यह अष्टम भाव के काल सर्प का विशेष प्रभाव है।

स्वास्थ्य समस्याएं बार-बार

अष्टम भाव का काल सर्प।

बार-बार बीमार पड़ना, दवाइयाँ काम न करना, रहस्यमय बीमारियाँ — ये अष्टम भाव के काल सर्प की पहचान हैं।

पूजा विधि-विधान

त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प शांति की विधि

पूजा के दिन की समय-रेखा

  • प्रातः 5:00ब्रह्म मुहूर्त में शुद्धिकरण और नाग दीपाराधना
  • 5:30 बजेगणपति पूजन, नवग्रह स्मरण, राहु-केतु स्तुति
  • 6:00 बजेसंकल्प — आपका नाम, गोत्र, जन्म-तिथि, काल सर्प प्रकार
  • 6:30–9:00काल सर्प शांति पाठ — मूल मंत्र और विशेष स्तोत्र
  • 9:30 बजेनागबलि विधि — नाग देवता को विशेष तर्पण
  • 11:00 बजेनारायण नागबलि — पितृ दोष शांति सहित
  • 12:00 बजेनाग तर्पण और पूर्णाहुति — प्रसाद वितरण
  • दोपहर बादVideo सम्पादित — WhatsApp पर भेजा जाता है
Kaal Sarp puja samagri
काल सर्प पूजा सामग्री

पूजा सामग्री

नाग प्रतिमा (चाँदी/पंचधातु)
दूध और गंगाजल तर्पण
नाग केसर और नाग चम्पा
कुश और काले तिल
नागबलि हवन सामग्री
पंचामृत और पंचमेवा
नाग पाश यंत्र
काले वस्त्र और नाग मुद्रा

भक्तों की आवाज़

जिन्होंने त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प दोष पूजा कराई।

"10 साल से करियर में रुकावट थी। काल सर्प पूजा के बाद मन को शांति मिली। video में पंडित जी मेरा नाम ले रहे थे — वह क्षण बहुत भावुक था। अब मन में स्पष्टता है।"

अमित वर्मा

दिल्ली

करियर

"विवाह में 5 साल की देरी थी। पूजा के video में अपना नाम सुनकर भावुक हो गई। पंडित जी ने कुंडली देखकर सही प्रकार की पूजा बताई। मन को अद्भुत राहत मिली।"

प्रीति नायर

बैंगलोर

विवाह

"अमेरिका से त्र्यंबकेश्वर से जुड़ना — यह दिव्यार्थ ने संभव किया। प्रसाद USA आया। पंडित जी ने video में मेरी मनोकामना का उल्लेख किया — वह अनुभव अविस्मरणीय है।"

संजय मेहता

USA

विदेश से

"बेटे के लिए करवाई पूजा। वीडियो देखकर रोना आ गया — पंडित जी बेटे का नाम ले रहे थे। त्र्यंबकेश्वर की उस पावन विधि को देखकर मन भर आया।"

रमा देवी

लखनऊ

संतान
असली WhatsApp संदेश
WhatsApp
verified

"पंडित जी ने कुंडली देखकर सटीक काल सर्प प्रकार बताया — यह जानकारी बहुत मूल्यवान थी।"

राकेश जी, जयपुर

WhatsApp
verified

"नागबलि का video देखकर मन शांत हो गया। इतनी पवित्र विधि — शब्दों में नहीं कह सकता।"

सुमन जी, हैदराबाद

WhatsApp
verified

"बेटी के विवाह में रुकावट थी। पूजा के बाद मन में आशा जागी। पंडित जी बहुत अनुभवी हैं।"

विमला जी, पटना

WhatsApp
verified

"USA से दूसरी बार पूजा करा रहा हूँ। त्र्यंबकेश्वर से यह जुड़ाव अनमोल है।"

केतन जी, California

एक विचार

जब अदृश्य बाधाएं हों — तो उन्हें अदृश्य शक्ति ही हटाती है।

राहु और केतु छाया ग्रह हैं — दिखाई नहीं देते, पर प्रभाव बहुत गहरा होता है। जैसे आकाश में बादल न दिखें पर धूप बंद हो जाए — वैसे ही काल सर्प दोष का असर होता है।

त्र्यंबकेश्वर में विधिवत पूजा — नागबलि, नारायण नागबलि और काल सर्प शांति — यह तीनों मिलकर राहु-केतु के प्रभाव को शांत करने की प्रार्थना हैं।

"नाग देवता के क्रोध से मुक्ति का एकमात्र मार्ग — त्र्यंबकेश्वर में उनका विधिवत तर्पण।"

सेवा का चुनाव करें

काल सर्प दोष पूजा — तीन सेवाएँ

तीनों सेवाओं में — संकल्प, पूजा और video शामिल। अपनी कुंडली और आवश्यकता के अनुसार चुनें।

सर्प शांति

₹501एकबार

काल सर्प शांति पाठ, संकल्प, नाग तर्पण और video।

  • काल सर्प शांति पाठ
  • आपके नाम-गोत्र से संकल्प
  • नाग तर्पण विधि
  • पूजा का video — WhatsApp पर
  • नाग प्रसाद डाक से
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सर्वाधिक पसंद

नागबलि सेवा

₹1,100एकबार

नागबलि + काल सर्प शांति — पूर्ण पूजा, video और photo।

  • नागबलि विधि — पूर्ण
  • काल सर्प शांति पाठ
  • आपके नाम से संकल्प
  • पूर्ण पूजा विधि
  • video + photo — WhatsApp पर
  • नाग प्रसाद और भस्म
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त्र्यंबक परंपरा

₹2,100माहवार

नारायण नागबलि + त्रिपिंडी श्राद्ध + संपूर्ण विधि, प्रसाद बॉक्स।

  • नारायण नागबलि — संपूर्ण
  • त्रिपिंडी श्राद्ध साथ
  • काल सर्प + पितृ दोष शांति
  • संपूर्ण विधि — पूर्णाहुति तक
  • विस्तृत video — 30+ मिनट
  • प्रसाद बॉक्स — नाग प्रसाद, भस्म, रुद्राक्ष
  • पंडित जी का व्यक्तिगत संदेश
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सभी सेवाओं में · सुरक्षित भुगतान · पूजा video उसी दिन · प्रसाद घर तक

"जो सवाल मेरे मन में भी थे..."

काल सर्प दोष है या नहीं — कैसे पता चलेगा?

जन्म-कुंडली में यदि सभी ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहु और केतु के बीच आ जाएं — तो काल सर्प दोष बनता है। अपनी जन्म-तिथि, समय और जन्म-स्थान WhatsApp पर भेजें — पं. सुरेश भट्ट कुंडली देखकर बताएंगे।

त्र्यंबकेश्वर ही क्यों — किसी और जगह नहीं?

शास्त्रों में काल सर्प दोष की शांति के लिए त्र्यंबकेश्वर का विधान है। नागबलि और नारायण नागबलि की विधि केवल यहीं होती है। यहाँ का शिवलिंग नाग-स्वरूप है — इसीलिए नाग दोष की शांति यहाँ सर्वाधिक प्रभावी मानी जाती है।

क्या यह पूजा एक बार करने से दोष खत्म होता है?

जन्म-कुंडली में ग्रह-स्थिति बदलती नहीं — लेकिन पूजा से राहु-केतु का प्रभाव शांत होता है। कुछ प्रकार के काल सर्प दोष एक बार की पूजा से शांत होते हैं, कुछ में तीन बार या नियमित पूजा का विधान है। पंडित जी कुंडली देखकर सटीक सलाह देते हैं।

क्या पूजा बिना कुंडली के भी हो सकती है?

हाँ। यदि कुंडली न हो, तो जन्म-तिथि, जन्म-समय और जन्म-स्थान के आधार पर पं. सुरेश भट्ट कुंडली बनाते हैं। केवल नाम और गोत्र से भी सामान्य काल सर्प शांति पाठ किया जा सकता है।

पूजा में कितना समय लगता है?

सर्प शांति (₹501) — लगभग 2-3 घंटे। नागबलि सेवा (₹1,100) — लगभग 5-6 घंटे। त्र्यंबक परंपरा (₹2,100) — पूरा दिन — सुबह 5 बजे से शाम तक। तीनों में video और photo उसी दिन WhatsApp पर आता है।

क्या काल सर्प दोष निश्चित रूप से जीवन में समस्याएं लाता है?

ज्योतिष में काल सर्प दोष एक संभावित प्रभाव है — निश्चित परिणाम नहीं। कई महान विभूतियों की कुंडली में भी यह दोष था। यह दोष जीवन में चुनौतियाँ ला सकता है, लेकिन पूजा से राहु-केतु की शांति होती है और प्रतिकूल प्रभाव कम होते हैं।

एक संकल्प — एक मुक्ति

नाग देवता और भगवान शिव के चरणों में काल सर्प दोष अर्पित करें

5 पीढ़ियों की त्र्यंबकेश्वर परंपरा में आपकी पूजा उसी श्रद्धा से होती है जैसे सदियों से होती आई है। राहु-केतु की शक्ति को शिव ही नियंत्रित करते हैं — और त्र्यंबकेश्वर वह पवित्र स्थान है जहाँ यह संभव है।

सुरक्षित भुगतान सहायता उपलब्ध विधिवत परंपरा

यह सेवा केवल आध्यात्मिक और धार्मिक है। हम किसी चमत्कार या सुनिश्चित परिणाम की गारंटी नहीं देते। सब कुछ भगवान त्र्यंबकेश्वर की कृपा और आपकी श्रद्धा पर निर्भर है। divyartha.in