शनि देव के उपाय — शनि की साढ़े साती और ढैय्या में राहत
ज्योतिष

शनि देव के उपाय — शनि की साढ़े साती और ढैय्या में राहत

2025-03-30 · 8 मिनट पाठ

शनि देव न्याय के देवता हैं — वे दंड भी देते हैं और पुरस्कार भी। जानें कौन से उपाय करने से शनि की कृपा मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है।

शनि देव कौन हैं?

शनि देव सूर्य के पुत्र और यम के भाई हैं। ज्योतिष में वे सबसे धीमे ग्रह हैं (एक राशि में 2.5 वर्ष)। वे कर्म के देवता हैं — हमारे पिछले जन्मों के कर्मों का हिसाब वे ही रखते हैं।

शनि का रंग काला या नीला है। शनिवार उनका दिन है। उनके प्रिय पदार्थ हैं: काला तिल, सरसों का तेल, लोहा, नीलम रत्न। उनके प्रिय जीव हैं: कौवा, भैंस और कुत्ता।

शनि कब कठिन होते हैं?

शनि की साढ़े साती (7.5 वर्ष) और ढैय्या (2.5 वर्ष जब शनि जन्म राशि से 4th या 8th भाव में हो) विशेष रूप से कठिन मानी जाती है। इन काल में करियर, स्वास्थ्य, परिवार या आर्थिक स्थिति पर दबाव आ सकता है।

लेकिन शनि की दृष्टि उन पर सबसे कठोर होती है जो अन्याय करते हैं, झूठ बोलते हैं या दूसरों का शोषण करते हैं। ईमानदार और परिश्रमी व्यक्ति के लिए शनि मित्र हैं।

शनि देव के उपाय

नित्य उपाय: शनिवार को काले तिल और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। "ॐ शं शनिश्चराय नमः" का 108 बार जाप। शनि मंदिर में जाएं और तेल का अभिषेक करें।

दान: शनिवार को काले वस्त्र, काले जूते, काला कंबल, उड़द दाल या काला तिल दान करें। गरीब मजदूरों और सेवकों का सम्मान करें — शनि उन्हीं के कल्याण के रक्षक हैं।

शनि की विशेष पूजा

शनि जयंती (वैशाख अमावस्या) पर विशेष पूजा का विधान है। इस दिन शनि देव की प्रतिमा पर सरसों के तेल से अभिषेक, काले तिल का हवन और नीले पुष्प अर्पित करने से शनि प्रसन्न होते हैं।

नियमित रूप से शनि-स्तोत्र या दशरथ-कृत शनि स्तुति का पाठ भी अत्यंत प्रभावशाली है।