गणेश चतुर्थी
त्योहारगणेश चतुर्थी
Aug 27, 2025

गणेश चतुर्थी

महत्व

गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाती है — भगवान गणेश का जन्मदिन। यह महाराष्ट्र का सबसे बड़ा पर्व है और अब पूरे भारत में 10 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है।

भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं — सभी बाधाओं को दूर करने वाले। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश पूजन अनिवार्य है। नए व्यापार, नई शुरुआत, विवाह, गृह प्रवेश — सब में पहले गणपति की पूजा होती है।

इस दिन सत्यनारायण पूजा, गणेश स्थापना और मोदक अर्पण की विशेष परंपरा है। पीताम्बर वस्त्र, दूर्वा और लाल पुष्प गणेश जी को अत्यंत प्रिय हैं।

परंपराएं और अनुष्ठान

1

गणेश स्थापना

मिट्टी की गणेश मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा — 1.5, 5 या 10 दिनों तक पूजन।

2

मोदक भोग

मोदक गणेश जी का सबसे प्रिय भोग — घर के बने या मिठाई के मोदक।

3

दूर्वा अर्पण

21 दूर्वा की माला — गणेश जी को अत्यंत प्रिय, विशेष आशीर्वाद के लिए।

4

विसर्जन

गणेश जी को जल में विसर्जित करना — अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण।

इस पर्व पर अनुशंसित पूजा

सत्यनारायण पूजा

सत्यनारायण पूजा

गणेश चतुर्थी पर नई शुरुआत और समृद्धि के लिए सत्यनारायण पूजा।

पौराणिक कथा

माँ पार्वती ने अपने उबटन से एक बालक बनाया और उसमें प्राण फूँके — यह गणेश थे। जब शिव घर वापस आए तो गणेश ने उन्हें रोका। शिव क्रोधित हुए और उन्होंने गणेश का मस्तक काट दिया। पार्वती का विलाप सुनकर शिव ने एक हाथी का मस्तक लगाकर गणेश को पुनर्जीवित किया और उन्हें सभी देवताओं में प्रथम पूज्य बनाया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेश चतुर्थी पर सत्यनारायण पूजा क्यों होती है?
गणेश जी के जन्मोत्सव पर नए आरंभ की कामना के साथ भगवान विष्णु/नारायण की पूजा करना शुभ है। यह नई शुरुआत, व्यापार उद्घाटन और परिवार की समृद्धि के लिए सबसे शुभ अवसर है।
गणेश विसर्जन कब होता है?
गणेश चतुर्थी से दसवें दिन — अनंत चतुर्दशी को। इस वर्ष Sep 5, 2025 को। लेकिन 1.5 दिन और 5 दिन के विसर्जन भी शुभ हैं।
क्या इस दिन पूजा ऑनलाइन बुक होती है?
हाँ। दिव्यार्थ पर गणेश चतुर्थी के लिए 7 दिन पहले तक पूजा बुक करें। पूजा का video और प्रसाद आपको मिलेगा।

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