
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों से जुड़ें
जहाँ शिव स्वयं ज्योति के रूप में प्रकट हुए — वे स्थान साधारण मंदिर नहीं, शक्ति के केंद्र हैं। वहाँ की गई पूजा असाधारण फल देती है।
पूजा बुक करें12 ज्योतिर्लिंग — भारत के सर्वोच्च शिव मंदिर
हरे रंग में चिह्नित मंदिरों में दिव्यार्थ की सेवाएं उपलब्ध हैं
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ज्योतिर्लिंग पूजा सर्वाधिक शक्तिशाली क्यों है?
ज्योति का प्राकट्य
ज्योतिर्लिंग वे स्थान हैं जहाँ शिव ने अनंत ज्योति के स्तंभ के रूप में स्वयं को प्रकट किया। यह स्वयंभू (स्वयं प्रकट) लिंग है — मानव-निर्मित नहीं।
स्कंद पुराण का वचन
स्कंद पुराण कहता है — जो भक्त 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन या उनकी पूजा करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति निश्चित है।
शिव की प्रत्यक्ष उपस्थिति
साधारण मंदिरों में मूर्ति में शिव का आह्वान होता है — ज्योतिर्लिंग में शिव की प्रत्यक्ष और शाश्वत उपस्थिति है।
हमारे ज्योतिर्लिंग मंदिर

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
8वाँ ज्योतिर्लिंग। काल सर्प दोष और महामृत्युंजय के लिए भारत का सबसे प्रसिद्ध मंदिर। गोदावरी नदी का उद्गम स्थल।
पूजाएं देखें
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
3रा ज्योतिर्लिंग। काल के देवता महाकाल। दुनिया का एकमात्र दक्षिणमुखी शिवलिंग। भस्म आरती के लिए प्रसिद्ध।
त्र्यंबकेश्वर पूजाएं — अभी उपलब्ध

काल सर्प दोष पूजा
भगवान शिव, त्र्यंबकेश्वर
काल सर्प दोष के लिए त्र्यंबकेश्वर सबसे महत्वपूर्ण मंदिर है। यहीं नाग देवता और भगवान शिव एक साथ विराजते हैं — राहु-केतु दोष यहीं शांत होता है।

महामृत्युंजय जाप एवं हवन
भगवान शिव, त्र्यंबकेश्वर
मृत्यु को भी जीतने वाला मंत्र — त्र्यंबकेश्वर में महामृत्युंजय हवन रोग, मृत्यु-भय और दीर्घायु के लिए सर्वाधिक फलदायी।
त्र्यंबकेश्वर न जा सकें — पूजा आपके पास आएगी
आपके नाम से संकल्प, वीडियो प्रमाण, प्रसाद घर तक — सब कुछ
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